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श्री काशी विश्वनाथाष्टकम

ॐ नमः शिवाय

श्री काशी विश्वनाथाष्टकम – Sri Kashi Vishwanathashtakam

गङ्गा तरङ्ग रमणीय जटा कलापं
गौरी निरन्तर विभूषित वाम भागं
नारायण प्रियमनङ्ग मदापहारं
वाराणसी पुरपतिं भज विश्वनाधम् ॥ 1 ॥

लिंगाष्टकम

ॐ नमः शिवाय

लिंगाष्टकम – Sri Shiva Lingashtakam

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गं
निर्मलभासित शॊभित लिङ्गम् ।
जन्मज दुःख विनाशक लिङ्गं
तत्-प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ 1 ॥

श्री शिव मंगलाष्टकम

ॐ नमः शिवाय

श्री शिव  मंगलाष्टकम  – Sri Shiva Mangalaashtakam

भवाय चन्द्रचूडाय निर्गुणाय गुणात्मनॆ ।
कालकालाय रुद्राय नीलग्रीवाय मङ्गलम् ॥ 1 ॥
वृषारूढाय भीमाय व्याघ्रचर्माम्बराय च ।
पशूनाम्पतयॆ तुभ्यं गौरीकान्ताय मङ्गलम् ॥ 2 ॥

श्री चन्द्रशेखराष्टकम

ॐ नमः शिवाय

श्री चन्द्रशेखराष्टकम - Sri Chandra Sekharashtakam

चन्द्रशॆखर चन्द्रशॆखर चन्द्रशॆखर पाहिमाम् ।
चन्द्रशॆखर चन्द्रशॆखर चन्द्रशॆखर रक्षमाम् ॥

रत्नसानु शरासनं रजताद्रि शृङ्ग निकॆतनं
शिञ्जिनीकृत पन्नगॆश्वर मच्युतानल सायकम् ।
क्षिप्रदग्द पुरत्रयं त्रिदशालयै रभिवन्दितं
चन्द्रशॆखरमाश्रयॆ मम किं करिष्यति वै यमः ॥ 1 ॥

श्री टोटकाष्टकम

ॐ नमः शिवाय

श्री  टोटकाष्टकम  – Sri Totakaashtakam

विदिताखिल शास्त्र सुधा जलधॆ
महितॊपनिषत्-कथितार्थ निधॆ ।
हृदयॆ कलयॆ विमलं चरणं
भव शङ्कर दॆशिक मॆ शरणम् ॥ 1 ॥

शिव बिल्वाष्टकम

ॐ नमः शिवाय

शिव बिल्वाष्टकम -  Shiva Bilvashtakam

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं
त्रिजन्म पापसंहारम् ऎकबिल्वं शिवार्पणं

त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्चिद्रैः कॊमलैः शुभैः
तवपूजां करिष्यामि ऎकबिल्वं शिवार्पणं

श्री अर्धनारीश्वर स्तोत्रम

ॐ नमः शिवाय

श्री अर्धनारीश्वर स्तोत्रम -  Sri Shiva Ardhanaareshwara Stotram

चाम्पॆयगौरार्धशरीरकायै
कर्पूरगौरार्धशरीरकाय ।
धम्मिल्लकायै च जटाधराय
नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 1 ॥