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शिव परिवार

बुधवार 21 अगस्त 2013
ॐ नमः शिवाय

शिव परिवार

देवी पार्वती-
यह शिव की शक्ति हैं। शिव की अनाम शक्ति ही अलग-अलग नाम धारण करती है। लक्ष्मी से लेकर राधा तक, सब शिव की शक्तियां ही हैं। पार्वती पूर्वजन्म में सती थीं। वह शिव की प्रेरणा हैं। शिव भोले हैं, पार्वती उनकी बुद्धिशक्ति हैं। वह शिव को जगाने का साहस करती है। पार्वती का वाहन सिंह है, जो शिव द्वारा ही दिया गया है। पार्वती को शिव, उमा या गौरी नाम से बुलाते हैं।

रुद्रावतार रामभक्त हनुमान

सोमवार 19 अगस्त 2013

 ॐ नमः शिवाय

यस्यनि:श्वसितंवेदायो वंदेभ्योऽखिलंजगत्।
निर्भयंतमहंवंदे विद्यातीर्थमहेश्वरम्॥
वेद जिनके नि:श्वास हैं, जिन्होंने वेदों से सारी सृष्टि की रचना की और जो विद्याओं के तीर्थ हैं, ऐसे शिव की मैं वंदना करता हूं।

कांकरोली का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर

ॐ नमः शिवाय

  कांकरोली का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर

शिवलिंग पूजा का महत्व

  ॐ नमः शिवाय

शिवलिंग पूजा का महत्व

श्री शिवमहापुराण के सृष्टिखंड अध्याय १२श्लोक ८२से८६ में ब्रह्मा जी के पुत्र सनत्कुमार जी

महिलाओं के लिये शिव पूजा

 ॐ नमः शिवाय

महिलाओं के लिये शिव पूजा

स्त्री को सबसे बड़ा सुख है - रूपवान, धनवान,बुद्धिमान और अनुकूल पति। सती जगदम्बा को सर्व गुण सम्पन्न और सृष्टि का मालिक भगवान

शिव ने ली अर्जुन की परीक्षा

ॐ नमः शिवाय
 
शिव ने ली अर्जुन की परीक्षा
 
पांडवों को अपने 13 साल के वनवास के दौरान दर-दर भटकना पड़ा। पांडव हर हाल में कौरवों से

नंदी के बिना महादेव

ॐ नमः शिवाय


नासिक शहर के प्रसिद्ध पंचवटी इलाके में गोदावरी तट के पास कपालेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। भगवान शिवजी ने यहाँ निवास किया था ऐसा पुराणों में कहा गया है। यह देश में पहला मंदिर है जहाँ भगवान शिवजी के सामने नंदी नहीं है। यही इसकी विशेषतः है।

कल्याण की संस्कृति ही शिव की संस्कृति

ॐ नमः शिवाय


भगवान शिव की भक्ति सहज भी है और दुष्कर भी। भोले बाबा के स्वरूप को भले ही हम सहजता से लेते हों लेकिन वह ऐसे नहीं हैं।

भगवान विष्णु का स्वप्न

ॐ नमः शिवाय

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भगवान विष्णु का स्वप्न

एक बार भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे। उन्होंने स्वप्न में देखा कि करोड़ों चन्द्रमाओं

निर्गुण के साथ सगुण भी हैं भगवान शिव

ॐ नमः शिवाय

 

यो भूस्वरूपेणविभर्तिविश्वं
पायात्सभूमेर्गिरीशोष्टमूर्ति:।
योऽपांस्वरूपेणनृपांकरोति
संजीवनंसोऽवतुमां जलेभ्य:॥

जिन्होंने पृथ्वीरूपसे इस विश्व को धारण कर रखा है, वे अष्टमूर्तिगिरीश पृथ्वी से मेरी रक्षा करें। जो जल रूप से जीवों को जीवनदान दे रहे हैं, वे शिव जल से मेरी रक्षा करें।

सृष्टि और संहार के अधिपति भगवान शिव

ॐ नमः शिवाय

 

सृष्टि और संहार के अधिपति भगवान शिव

शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव को भिन्न माना गया

एक बार भोले शंकर से बोलीं हँस कर पार्वती


ॐ नमः शिवाय


एक बार भोले शंकर से बोलीं हँस कर पार्वती,
'चलो जरा विचरण कर आये, धरती पर हे धूर्जटी !

भगवान गणेश के जन्म की पूरी कथा

ॐ नमः शिवाय

 

भगवान गणेश के जन्म की पूरी कथा


गणेश जी के जन्म की कहानी बहुत रोमांचक है। बहुत बहुत साल पहले जब पृथ्वी पर

श्रीरावणकृतं शिवताण्डवस्तोत्रं

ॐ नमः शिवाय

अनेक भक्तों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई स्तुतियों की रचना की है। रावण भी भगवान शिव का परम भक्त था। रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ही शिव तांडव स्त्रोत की रचना की थी। रावण नित्य इस स्त्रोत से भगवान शंकर की पूजा करता था। इस स्त्रोत का महत्व है कि जो भी इसका पाठ करता है वह कभी दरिद्र नहीं होता। उसकी हर मनोकामना पूरी होती है तथा दुनिया भर के सभी ऐश्वर्य, सुख आदि उसके पास होता है।

 
शिव तांडव स्तोत्रम्
 
जटाटवीग लज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌।

डमड्डमड्डमड्डम न्निनादवड्डमर्वयं
चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥

ज्योतिर्लिंगों से जुड़ा है सृष्टि का सारा रहस्य

ॐ नमः शिवाय

ज्योतिर्लिंगों से जुड़ा है सृष्टि का सारा रहस्य

 

 जब पहली बार विधाता ने इस सृष्टि की रचना शुरू की थी। दरअसल शिव के ज्योतिर्लिंगों से जुड़ा है सृष्टि का सारा रहस्य। हर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी है मनोरथ और सिद्धि के तमाम सीढ़ियां।
लेकिन पहले जानते हैं शिव कौन हैं। कैसे धारण करते हैं वो इस जगत को। कैसे देवी भगवती शक्ति बनकर हमेशा उनके साथ रहती हैं।

शिव के लिए पार्वती ने किया था कठोर तप

ॐ नमः शिवाय

शिव के लिए पार्वती ने किया था कठोर तप

शिवपुराण में कथा आती है कि ब्रह्माजी के आदेशानुसार भगवान शंकर को वरण करने के लिए पार्वती ने कठोर तप किया था। ब्रह्मा के आदेशोपरांत महर्षि नारद ने पार्वती को पंचाक्षर मंत्र 'शिवाय नमः' की दीक्षा दी। दीक्षा लेकर पार्वती सखियों के साथ तपोवन में जाकर कठोर तपस्या करने लगीं। उनके कठोर तप का वर्णन शिवपुराण में आया है-

कालों के काल महाकाल

ॐ नमः शिवाय

कालों के काल महाकाल
 
कहते हैं शिव के अनेक रूप हैं। शिव की आराधना करने से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। श्रावण मास में तो शिव की आरधना अति फलदायी होती है। भगवान शिव देशभर में अनेक स्थानों पर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं। भारत देश में 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग है, जिनमें से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है।

सती शिव की कथा

ॐ नमः शिवाय
 
सती शिव की कथा

दक्ष प्रजापति की कई पुत्रियां थी। सभी पुत्रियां गुणवती थीं। पर दक्ष के मन में संतोष नहीं

शिवपुराण में शिव-शक्ति का संयोग

‍ॐ नमः शिवाय
 
शिवपुराण में शिव-शक्ति का संयोग

शिव पुराण के अनुसार शिव-शक्ति का संयोग ही परमात्मा है। शिव की जो पराशक्ति है उससे चित्‌ शक्ति प्रकट होती है। चित्‌ शक्ति से आनंद शक्ति का